बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े कई मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए राजपाल यादव को 4 फरवरी, 2026 की शाम 4:00 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) करने का निर्देश दिया है।
यह विवाद साल 2010 से चला आ रहा है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए दिल्ली की कंपनी मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स (M/s Murali Projects) से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इस रकम को चुकाने के लिए जो चेक दिए गए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने अभिनेता और उनकी पत्नी के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया था।
अदालत की नाराजगी की वजह
अदालत ने पाया कि राजपाल यादव ने बार-बार भुगतान करने का भरोसा दिलाया, लेकिन वे अपनी बातों पर खरे नहीं उतरे। समझौते का उल्लंघन: कोर्ट ने कहा कि अभिनेता ने बार-बार अदालती कार्यवाही और भुगतान की समय सीमा का उल्लंघन किया। बकाया राशि: रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक कुछ भुगतान किए गए थे, लेकिन अभी भी करीब 9 करोड़ रुपये बकाया हैं। रियायत खत्म: न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि कोर्ट ने अभिनेता को समझौते के लिए काफी समय और उदारता दिखाई, लेकिन अब उनके आचरण को देखते हुए और ढील नहीं दी जा सकती।
पिछली सजा और अपील
आपको बता दें कि 2018 में निचली अदालत (कड़कड़डूमा कोर्ट) ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई थी। राजपाल यादव ने इस सजा को चुनौती दी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी थी ताकि वे पैसे लौटा सकें। लेकिन अब भुगतान न होने के कारण कोर्ट ने उनकी सजा पर लगी रोक को हटाते हुए उन्हें जेल जाने का आदेश दे दिया है।
राजपाल यादव, जो अपनी बेमिसाल कॉमेडी और कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं, पिछले कुछ समय से अपने करियर को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे थे। ‘भूल भुलैया’ फ्रैंचाइजी और हालिया वेब सीरीज में उनके काम को काफी सराहा गया। हालांकि, इस कानूनी विवाद ने उनके पेशेवर जीवन पर भी छाया डाल दी है। कानूनी जानकारों का मानना है कि जेल जाने की स्थिति में उनके वर्तमान प्रोजेक्ट्स और विज्ञापन समझौतों पर बुरा असर पड़ सकता है। फिल्म इंडस्ट्री के भीतर भी इस बात की चर्चा है कि कैसे एक गलत वित्तीय फैसले ने इतने प्रतिभावान कलाकार को जेल की दहलीज तक लाकर खड़ा कर दिया है।
वर्तमान आदेश के बाद, राजपाल यादव के पास अब विकल्प बेहद सीमित हैं। वे इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं और तत्काल रोक (Stay) की मांग कर सकते हैं। हालांकि, हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों और बकाया राशि के रिकॉर्ड को देखते हुए, वहां से भी राहत मिलना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, अभिनेता के प्रशंसकों और बॉलीवुड जगत की नजरें कल होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं कि क्या वे कानून का सम्मान करते हुए सरेंडर करेंगे या ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट से थोड़ा समय मांगा था क्योंकि अभिनेता अभी मुंबई में अपने पेशेवर कामों में व्यस्त हैं, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक का समय दिया है। 5 फरवरी को जेल अधीक्षक को इस मामले की अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।
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