भारतीय सिनेमा के इतिहास में दशकों से एक ही फॉर्मूला चलता आ रहा है—एक चमकता हुआ ‘हीरो’ जो कभी हार नहीं सकता, और एक बेहद क्रूर ‘विलेन’ जिसे आखिर में हारना ही है। लेकिन आज के दौर के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक, जयदीप अहलावत, इस पुरानी सोच पर सवाल उठा रहे हैं।
जयदीप का मानना है कि बॉलीवुड की यह ‘हीरो और विलेन’ वाली सनक असल जिंदगी से बहुत दूर है। उनके अनुसार, हकीकत ब्लैक एंड व्हाइट नहीं होती, बल्कि ‘ग्रे’ होती है।
जयदीप अहलावत ने कई इंटरव्यूज में यह बात खुलकर कही है कि जब हम किसी को सिर्फ ‘हीरो’ का टैग दे देते हैं, तो हम उससे उसकी इंसानियत छीन लेते हैं। असल जिंदगी में कोई भी इंसान हर वक्त सही नहीं होता। उसी तरह, जिसे हम ‘विलेन’ कहते हैं, उसके पीछे भी कोई न कोई कहानी या मजबूरी होती है।
जयदीप कहते हैं कि जब तक लेखक और निर्देशक किरदारों को ‘भगवान’ या ‘शैतान’ बनाना बंद नहीं करेंगे, तब तक हम सच्ची कहानियां नहीं कह पाएंगे। लोग सिनेमाघरों में खुद को देखना चाहते हैं, किसी ऐसे इंसान को नहीं जो हवा में उड़कर दस लोगों को मार गिराए।
जयदीप के इस नजरिए को उनके सबसे मशहूर किरदार हाथीराम चौधरी (पाताल लोक) में साफ देखा जा सकता है। हाथीराम कोई ‘सुपर-कॉप’ नहीं था। वह एक थका हुआ, सिस्टम से हारा हुआ और अपने परिवार की नजरों में खुद को साबित करने की कोशिश में लगा एक साधारण पुलिसवाला था।
यही वजह है कि दर्शकों ने उसे इतना प्यार दिया। वह ‘हीरो’ नहीं था, वह एक ‘इंसान’ था। जयदीप का तर्क है कि अगर हाथीराम को एक टिपिकल बॉलीवुड हीरो की तरह दिखाया जाता, तो वह कभी लोगों के दिलों को नहीं छू पाता।
जयदीप का मानना है कि हीरो और विलेन का बंटवारा दरअसल लेखन का एक आलसी तरीका है। एक ऐसी कहानी लिखना जिसमें किरदार पेचीदा हों, बहुत मेहनत मांगता है। जबकि एक सीधा-सादा ‘अच्छाई बनाम बुराई’ वाला ड्रामा लिखना आसान होता है।
आज का दर्शक बदल चुका है। ओटीटी (OTT) के आने के बाद अब लोग ऐसी कहानियां पसंद कर रहे हैं जहां उन्हें यह समझ न आए कि किसे सपोर्ट करें और किसे नहीं। जयदीप जैसे कलाकार इसी बदलाव की नींव रख रहे हैं।
जयदीप अहलावत की यह बात फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक आईना है। वह सिर्फ अभिनय नहीं कर रहे, बल्कि वह सिनेमा की भाषा बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना साफ है—हमें पर्दे पर महान लोग नहीं चाहिए, हमें पर्दे पर ‘सच्चे लोग’ चाहिए। अगर बॉलीवुड को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करनी है, तो उसे हीरो के ग्लैमर और विलेन के खौफ से बाहर निकलकर किरदारों की गहराई पर ध्यान देना होगा।
टीवी सीरियल और बॉलीवुड की लेटेस्ट गॉसिप और अपकमिंग एपिसोड के लिए बने रहिए tellybooster के साथ।

