बॉलीवुड के सबसे चहेते सितारों में से एक, रणबीर कपूर, इन दिनों अपनी फिल्म एनिमल की जबरदस्त सफलता और अपने बदले हुए अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में फिल्म की जापान रिलीज से पहले एक बातचीत के दौरान रणबीर ने अपने करियर और किरदारों के चुनाव पर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि एनिमल से पहले उन्हें अक्सर एक ‘लवर बॉय’ वाली छवि में ही देखा गया था।
रणबीर ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो, मैंने बहुत लंबे समय तक केवल ‘लवर बॉय’ वाले किरदार ही निभाए हैं। ‘सावरिया’ से लेकर ‘ये जवानी है दीवानी’ तक, दर्शक मुझे उसी रोमांटिक अंदाज में देखना पसंद करते थे। लेकिन एनिमल ने मुझे उस खोल से बाहर निकलने का मौका दिया।”
रणबीर कपूर ने अपने करियर के लगभग डेढ़ दशक तक बॉलीवुड में उस खाली जगह को भरा था, जिसे कभी ‘चॉकलेट बॉय’ कहा जाता था। उनके अनुसार, सावरिया से लेकर तू झूठी मैं मक्कार तक, उनकी फिल्मों का एक बड़ा हिस्सा भावनाओं, प्रेम की उलझनों और शहरी रोमांस के इर्द-गिर्द घूमता रहा। रणबीर ने स्वीकार किया कि इस छवि ने उन्हें जनता का बहुत प्यार दिया, लेकिन कहीं न कहीं इसने उनकी अभिनय क्षमता को सीमित भी कर दिया था।
वह पर्दे पर एक ऐसे ‘आदर्श प्रेमी’ बन चुके थे, जिससे दर्शक केवल संवेदनशीलता की उम्मीद करते थे। लेकिन एनिमल की स्क्रिप्ट ने उनकी इस बनी-बनाई धारणा को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया और उन्हें एक ऐसे क्षेत्र में ले गई जहाँ मासूमियत की कोई जगह नहीं थी।
क्यों डरे हुए थे रणबीर?
फिल्म के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा के साथ अपनी बातचीत में रणबीर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब पहली बार उन्हें एनिमल की स्क्रिप्ट सुनाई गई, तो वह काफी डर गए थे।
रणबीर के अनुसार किरदार की जटिलता: रणविजय का किरदार काफी हिंसक और इमोशनल था, जो रणबीर के पिछले किरदारों से बिल्कुल अलग था। जोखिम भरा फैसला: उन्हें लगा था कि एक चॉकलेट बॉय इमेज वाले एक्टर के लिए इतना गहरा और डार्क रोल निभाना मुश्किल हो सकता है। पिता-पुत्र का रिश्ता: रणबीर ने साझा किया कि वह इस कहानी से इसलिए जुड़ पाए क्योंकि उनकी पीढ़ी के कई पुरुषों की तरह उनके और उनके पिता के बीच भी एक भावनात्मक दूरी थी।
निर्देशक का भरोसा और नया अवतार
रणबीर ने अपनी सफलता का श्रेय संदीप रेड्डी वांगा को देते हुए कहा कि यह निर्देशक का भरोसा ही था जिसने उन्हें यह चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। एनिमल में रणबीर ने जिस तरह की इंटेंसिटी दिखाई है, उसने आलोचकों और प्रशंसकों दोनों को हैरान कर दिया है।
भविष्य की राह: ‘एनिमल पार्क’ का इंतजार
अब जब रणबीर ने अपनी पुरानी छवि को पीछे छोड़ दिया है, तो उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। उनका मानना है कि एनिमल ने उन्हें वह आत्मविश्वास दिया है कि वह बड़े पर्दे पर किसी भी तरह की ‘ग्रे’ या नकारात्मक भूमिका को बखूबी निभा सकते हैं। आगामी फिल्मों में, विशेषकर एनिमल पार्क में, दर्शक उनके अभिनय के और भी गहरे और डरावने पहलुओं को देखेंगे। रणबीर का कहना है कि वह अब सुरक्षित खेलने के मूड में नहीं हैं; वह ऐसी पटकथाएं चुनना चाहते हैं जो उन्हें उनकी सीमाओं से आगे धकेलें। यह बदलाव न केवल उनके लिए, बल्कि आधुनिक भारतीय सिनेमा के लिए भी एक नया उदाहरण पेश करता है जहाँ एक मुख्यधारा का सुपरस्टार विलेन और हीरो के बीच की धुंधली रेखा को जीने का साहस कर रहा है।
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