बड़े घर की छोटी बहू के गुरुवार के एपिसोड में दुर्गा बड़ी बहू से कहती है कि वह वापस मूर्ति खरीदने की बात न करे क्योंकि उनकी मूर्तियां ही उनकी पहचान है। अगर वह अपने काम की तारीफ नहीं करेंगी तो कौन करेगा।
वहीं, मीता कहती है कि दो दिन में उनका एग्जीबिशन है और उन्हें १५० और मूर्तियां चाहिए। दुर्गा कहती है अब हमें काम करने वाले और लोगों को रखना होगा क्योंकि अब तू भी चली जायेगी। मीता कहती है कि वह कई सालों से बिना अपने पति के ससुराल में रह रही है और उसे आखिर क्या मिला यहां रहकर बस ताना और दुख।
दुर्गा ने कहा पारो से कि पूजा की वजह से हमारे घर के पुरुषों को अकल आ गयी कि बहुओं के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिए। उसने कहा पारो से की तू खुश हो जा कि तेरा पति वापस तेरे पास आ गया।
पारो ठाकुर की बात करती है कि उन्हें ज़िंदगी से कुछ नहीं मिला। ससुराल में एक दिन का चैन नहीं मिला और वह तबसे यहां रह रहीं हैं। दुर्गा ने कहा मेरी तो उम्र हो गयी है लेकिन वह बहुत छोटी है और उसके पति के गुजरने का सदमे से उभरी नहीं है।
उसी समय अहाना अपने बॉस के साथ कारखाने में आती है तो दुर्गा उसके बॉस का स्वगत करती है। वह पूछता है ५०० मूर्तियों का ऑर्डर तैयार हो गया न? क्योंकि हर प्रान्त से लोग इस एग्जीबिशन में आएंगे।
दुर्गा ने कहा उनके काम और मूर्तियों को कौन देखेगा आखिर? बॉस ने कहा उसने अपने सीनियर्स को उनकी मूर्ति दिखाई तो सभी ने उनके काम की तारीफ की।
बॉस ने पूछा कि पिछले महिने उनका प्रोडक्शन का खर्चा कितना हुआ तो दुर्गा ने कहा तीस हजार। उसने पूछा उसमें से उनका मुनाफा कितना हुआ? दुर्गा ने कहा बारह हजार। मीता ने कहा अब हम अमीर हो गए हैं और इसीलिए माँ ने घर में रसोई बनाने वाली रखने की बात की है।
अहाना कहती है कि एग्जीबिशन में वह बस मूर्तियां लेकर आएं बाकी उनकी टीम स्टॉल को सजायेगी। उसने कहा कई लोग आएंगे उनके काम को देखने तो वह बहुत उत्साहित है।
एग्जीबिशन के दिन दुर्गा को बहुत चिंता होती है तो बड़ी बहू उससे चिंता न करने को कहती है। दुर्गा कहती है इतने मेहनत और संघर्ष करके वह यहां तक पहुंचे हैं तो चिंता तो होगी न। वहां उसी समय ठाकुर और दुर्गा की देवरानी आ जाती है और सभी बहुओं से कहती है कि वह बाहर न जाये वरना उनका ख्याल कौन रखेगा।
ठाकुर पारो को बाहर जाने से मना करती है तो वह कहती है वह उसका ख्याल रखेगी। उसने कहा रसोइयां होगा अब घर में। ठाकुर ने कहा मतलब अब हम खुद अपने हाथ से खाना परसेंगे? दुर्गा ने अपनी देवरानी से कहा कि हमारी बहुएं पराई नहीं हैं क्योंकि उन्हें हमारी फिक्र है।
अहाना ने ठाकुर से कहा कि उनके काम की तारीफ बाहर होगी तो उन्हें सभी बहुओं पर नाज होगा इसकी गारंटी है। ठाकुर ने कहा मैं इस बात की गारंटी देती हूँ कि मेरी बहु घर से बाहर नहीं जाएगी।
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