सहर होने को है 2nd मार्च 2026 रिटेन अपडेट On Tellyboosters.com
कलर्स के सीरियल सहर होने को है, में इन दिनों कहानी काफी ज्यादा दिलचस्प होती नजर आ रही है। जहां, अब सहर की पढ़ाई के लिए माहीद हो चुका है तैयार।
प्रीकैप : एपिसोड की शुरुआत माहीद से होती है। जहां, माहीद और सहर दोनों ही बीच जंगल में फंसे होते है और इस बीच ही माहीद को अपनी अम्मी की यादों से उभरने के लिए सहर उसकी मदद करती है।
सहर निकली घर से बाहर
सहर इन सारी चीजों को माहीद की अच्छा यादें बताती है जिसे वो कहती है अम्मी की यादें कभी भी खराब नहीं होती है। लेकिन आपको ये बात भी समझनी होगी। वही इस बीच ही कौसर अमाल को लेकर परेशान हो जाती है। क्योंकि अमाल ने घर में किसी को बिना बताए ही आ गई है। ऐसे में फरीद अपनी गाड़ी बेसिक आगे रोकता है और कौसर अमाल बस से नीचे उतरते है। फरीद कहता है कि कौसर ऐसा कैसे एक बच्ची के साथ कर सकती है ? कौसर फरीद से माफी मांगती है और कहती है कि उसे आजमगढ़ जल्द से जल्द पहुंचना था इसलिए वो जल्दी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती थी। फरीद को अमाल मनाती है कि, उसे मदद करनी चाहिए। क्योंकि सहर खतरे में है। फरीद अमाल की बात को सुनता है और कहता है वो कौसर की मदद करेगा। वही दूसरी तरफ, सहर और माहीद जंगल में लकड़ियां इकट्ठा करते है और माहीद उसे कही भी जाने से मना करता है। सहर शेर के डर से माहीद के साथ जाने की बात करती है। लेकिन माहीद कहता है कि, अभी वो बहादुरी के पाठ पढ़ा रही थी ? अभी क्या हुआ है उसे ?
कौसर हुई परेशान
सहर कहती है इसमें हिम्मत नहीं है कि वो शेर से लड़ सके। दोनों लकड़ियां लेकर आते है लेकिन बंदूक में गोली कम होने के कारण माहीद एक ही गोली बर्बाद कर सकता था। जिसे वो लकड़ियां जली नहीं होती है। सहर अपने सपने टूटते हुए देखती है और अपने बुक से पेज फाड़ देती है जिसे देखकर माहीद को भी बुरा लगता है। सहर लकड़ी जलाने के बाद रोना शुरू कर देती है क्योंकि उसका सपना टूट गया हुआ है। कौसर माहीद के बंगले पहुंचती है लेकिन उसे पता चलता है कि, सहर और माहीद वहां आए नहीं है। वही माहीद की चाची जान को पता चल जाता है कि सहर की अम्मी वहां आ गई हुई है। वसीम को समझ नहीं आता है कि, अचानक ये सब हो क्या रहा है ? कौसर वहां क्यों गई है ? दादा जान खाने के टेबल पर आते है और बुआ जी नाजिमा को बात करते हुए सुनते है कि, कोई उनका फोन नहीं उठा रहा है। दादा जान कहते है इतने किसके बुरे दिन आ गए है ? माहीद और सहर को लेकर बुआ जी कहती है उनका फोन नहीं आया है।
माहीद की रजामंदी
दादा जान कहते है बात तो सही है उनका फोन नहीं आया हुआ है। वही दूसरी तरफ बुआ जी कहती है कि वो जाए आजमगढ़ ? दादा जान हां कहने वाले होते है लेकिन वसीम रोजे की बात को रखता है कि, यहां भी उनकी जरूरत होगी। सहर को माहीद चुप करवाता है और कहता है उसे अगर पढ़ना है तो वो पढ़ सकती है और बोर्ड दे सकती है क्योंकि सहर ने उसके पास कोई चारा नहीं छोड़ा है। जिसके लिए अब सहर खुश होती है। वही माहीद उसे अपने परिवार और अपने घरवालों की जिम्मेदारी भी संभालने के लिए कहता है।
क्या होगा अपकमिंग एपिसोड में ?
अपकमिंग एपिसोड में आपको देखने मिलने पर वाला है कि, अगली सुबह के इंतजार में माहीद और सहर गार्डन में ही सो जाते है। जहां सुबह होती ही उन्हें शेर की आवाज आती है और शेर को देखकर ही दोनों डर जाते हैं।
टीवी सीरियल की लेटेस्ट गॉसिप और अपकमिंग एपिसोड के लिए बने रहिए Tellyboosters के साथ।

