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Wednesday, June 10, 2026

रानी मुखर्जी का छलका दर्द: मिसकैरेज के गम ने बनाया ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ का आधार

बॉलीवुड की ‘मर्दानी’ रानी मुखर्जी अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करती हैं। लेकिन हाल ही में अपनी फिल्म ‘मर्दानी 3’ के प्रमोशन के दौरान, उन्होंने अपने जीवन के एक ऐसे काले अध्याय से पर्दा उठाया जिसे सुनकर उनके फैंस की आंखें नम हो गईं। रानी ने साझा किया कि 2023 में आई उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ के पीछे केवल एक स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि उनकी अपनी व्यक्तिगत पीड़ा छिपी थी।

रानी ने खुलासा किया कि साल 2020 में, जब पूरी दुनिया लॉकडाउन और महामारी से जूझ रही थी, वे दूसरी बार मां बनने वाली थीं। हालांकि, गर्भावस्था के पांचवें महीने में उनका मिसकैरेज (गर्भपात) हो गया। एक मां के लिए अपने अजन्मे बच्चे को खोने का दुख असहनीय था। रानी ने बताया कि वे और उनके पति आदित्य चोपड़ा काफी समय से दूसरे बच्चे की कोशिश कर रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

जब दुख के बीच आई ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ की स्क्रिप्ट
रानी के मुताबिक, जिस समय वे इस गहरे सदमे और नुकसान (Sense of Loss) से गुजर रही थीं, ठीक उसी वक्त उनके पास डायरेक्टर आशिमा चिब्बर फिल्म की कहानी लेकर आईं। रानी कहती हैं:

“वो कहानी मेरे पास ऐसे मोड़ पर आई थी जब मैंने अपना दूसरा बच्चा खो दिया था। उस वक्त मेरे भीतर जो खालीपन और दुख था, उसने मुझे इस फिल्म की कहानी से तुरंत जोड़ दिया। मैंने ठान लिया कि यह कहानी मुझे दुनिया को बतानी ही है।”

फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ सागरिका चक्रवर्ती की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिनके बच्चों को नॉर्वे की सरकार ने उनसे छीन लिया था। रानी ने बताया कि फिल्म में उन्होंने जो दर्द और गुस्सा दिखाया, वह कहीं न कहीं उनके अपने व्यक्तिगत दुख का प्रतिबिंब था। उन्होंने अपने भीतर की सारी भावनाएं उस किरदार में डाल दीं ताकि दुनिया समझ सके कि एक मां पर क्या बीतती है जब उसका बच्चा उससे दूर किया जाता है।

रानी ने आगे कहा कि वे अक्सर अपनी निजी बातें शेयर नहीं करतीं क्योंकि वे नहीं चाहती थीं कि लोग इसे फिल्म के प्रमोशन का हिस्सा समझें। लेकिन आज वे चाहती हैं कि महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात करें और समझें कि वे इस दुख में अकेली नहीं हैं।

रानी मुखर्जी के इस पावरफुल परफॉर्मेंस को न केवल दर्शकों ने सराहा, बल्कि साल 2025 में उन्हें इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया। रानी का मानना है कि दर्शकों का प्यार ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

रानी के करियर को देखा जाए, तो ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ उनके अभिनय का एक नया मानक स्थापित करती है। इस फिल्म ने यह भी साबित किया कि दर्शकों को अब केवल मसाला फिल्में ही नहीं, बल्कि ऐसी कहानियाँ भी पसंद आती हैं जिनमें सच्चाई और जज्बात हों। फिल्म की सफलता ने अन्य निर्देशकों को भी असल जिंदगी की प्रेरणादायक कहानियों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

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