मन सुंदर के मंगलवार के एपिसोड में सोनी नहार से कहती है कि उस दिन उसने रूही को नहीं बल्कि उसे रोमिल का सच बताया था। उसने कहा उसने अवनी का घर बचाने के लिए नहार और रूही को अलग किया।
वहीं, नहार दुखी होकर टूट जाता है और सोनी से कहता है कि जब वह अवनी की बच्ची के उम्र का था और पहले दिन जब वह शादी करके घर आई थी तभी से उसने उसे अपनी छोटी माँ माँ लिया था।
नहार ने कहा जब भी उसे कुछ चाहिए होता था तो हर चीज़ के लिए वह छोटी माँ के पास ही जाता था। उसने कहा लेकिन आज वह जान गया है कि आपने कभी मुझे अपना बेटा माना ही नहीं।
यह सुनकर सोनी और सभी घरवाले हैरान रह जाते हैं। रतन का गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंच जाता है और वह सोनी से कहता है कि जैसे वह मंगलसूत्र पहनती है और आज उसने जो मुझे चैन पहनाई है मैं आज से तुम्हारे साथ सभी रिश्ते तोड़ता हूँ और इस घर से निकलकर जाने को कहता हूँ।
सोनी उसके पैरों में गिरकर उससे माफी मांगती है और सुमित्रा के पास भी जाकर कहती है कि वह कहां जाएगी लेकिन वह कहती है कि जो गलती उसने की उसकी कोई माफी नहीं है।
नहार सोनी से कहता है कि आज साबित हो गया कि मैं आपका सौतेला बेटा हूँ और यह कहकर वह चला जाता है।
रूही रतन से कहती है कि अभी अवनी दीदी की बच्ची को उनकी नानी चाहिए। यह सुनकर रतन कहता है कि बस अवनी की बच्ची के लिए वह सोनी को इस घर में रखेगा।
रूही नहार के पास जाती है और दोनों गले लगते हैं। वह कहता है कि उसे बहुत तकलीफ हुई थी जब रूही घर छोड़कर चली गयी थी और जब उसने स्पर्श के साथ उसे देखा।
नहार ने रूही से पूछा ऐसा क्यों होता है कि हर बार हम दोनों को ही अलग होना पड़ता है। उसने कहा कि प्यार सिर्फ खुशी नहीं बल्कि दर्द भी देता है। रूही ने कहा आगे कई कठिनाइयां आएंगी लेकिन आज एक बात साबित हो गयी है कि नहार और रूही अलग हो सकते हैं लेकिन टूट नहीं सकते।
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