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Monday, July 27, 2026

आर्यन खान के शो पर समीर वानखेड़े का कड़ा रुख: “मुझे ‘चोर’ की तरह दिखाया गया”

पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) अधिकारी समीर वानखेड़े एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का निर्देशन में बना डेब्यू वेब सीरीज़ ‘द ब**ड्स ऑफ बॉलीवुड’। वानखेड़े ने इस शो के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उनका सीधा आरोप है कि इस सीरीज़ ने उन्हें और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की छवि को खराब किया है।

कोर्ट में दायर याचिका और सुनवाई के दौरान समीर वानखेड़े की ओर से जो बात सामने आई, वह उनकी गहरी पीड़ा को दर्शाती है। उनके वकील ने तर्क दिया कि इस शो में जिस तरह से एक सरकारी अधिकारी के किरदार को चित्रित किया गया है, वह सीधे तौर पर समीर वानखेड़े की ओर इशारा करता है। इस चित्रण के कारण, उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमान और “ऑनलाइन उपहास” का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक बयान तब आया जब वानखेड़े की तरफ से कहा गया कि यह सीरीज़ लोगों को यह यकीन दिलाने में सफल रही है कि वह एक “चोर” हैं। उनके वकील ने कोर्ट में पूछा, “क्या मैं सार्वजनिक राय में इस तरह के ट्रायल (परीक्षण) का हकदार हूँ?” उन्होंने बताया कि शो के रिलीज़ होने के बाद से लोग उन्हें, उनकी पत्नी और उनकी बहन को ऑनलाइन माध्यमों से लगातार ट्रोल कर रहे हैं और अपमानजनक संदेश भेज रहे हैं। उनका कहना है कि इस शो ने उनकी “ईमानदारी को ख़त्म कर दिया” है और समाज में उनकी प्रतिष्ठा को “अपूरणीय क्षति” पहुँचाई है।

वानखेड़े ने अपनी याचिका में यह भी दावा किया है कि इस सीरीज़ को जानबूझकर “दुर्भावनापूर्ण इरादे” से बनाया गया है, ताकि उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई जा सके। उन्होंने एक खास दृश्य पर आपत्ति जताई, जहाँ एक किरदार ‘सत्यमेव जयते’ (जो भारत के राष्ट्रीय प्रतीक का हिस्सा है) बोलने के बाद एक “अभद्र इशारा” करता है। वानखेड़े ने इसे राष्ट्रीय भावना का अपमान बताया और आरोप लगाया कि यह शो एंटी-ड्रग प्रवर्तन एजेंसियों की “गुमराह करने वाली और नकारात्मक छवि” फैला रहा है, जिससे कानून लागू करने वाली संस्थाओं में जनता का विश्वास कम हो रहा है।

इस पूरे विवाद की जड़ 2021 का क्रूज़ ड्रग्स मामला है, जिसमें समीर वानखेड़े ने ही आर्यन खान को गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में आर्यन खान को NCB की एसआईटी जांच में क्लीन चिट मिल गई थी। वानखेड़े का आरोप है कि आर्यन खान का यह शो “व्यंग्य के रूप में छिपा हुआ एक निजी प्रतिशोध” है, जिसका उद्देश्य 2021 के मामले का बदला लेना है।

दूसरी ओर, रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स, जिस पर यह सीरीज़ रिलीज़ हुई है, इसे “व्यंग्य का एक काम” बता रहे हैं और “कलात्मक स्वतंत्रता” का बचाव कर रहे हैं। उनके वकील ने कहा कि उन्हें ऐसे किरदार बनाने का अधिकार है जो वास्तविक जीवन के पात्रों से प्रेरित हो सकते हैं।

बहरहाल, समीर वानखेड़े इस कानूनी लड़ाई को लड़ने के लिए दृढ़ हैं। उनका मानना है कि यह लड़ाई केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि वर्दी के सम्मान और राष्ट्र की सेवा कर रहे कानून प्रवर्तन अधिकारियों के सम्मान के लिए है। उन्होंने सवाल किया है कि “व्यंग्य एक बात है, लेकिन यह अपमान है”।

कोर्ट ने इस मामले में रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स को नोटिस जारी किया है। समीर वानखेड़े ने मानहानि के मुआवजे के रूप में 2 करोड़ रुपये की मांग की है, जिसे उन्होंने टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल को दान करने का संकल्प लिया है। यह मामला दिखाता है कि कैसे मनोरंजन की दुनिया और सरकारी सेवा के बीच टकराव, व्यक्तिगत सम्मान और सार्वजनिक धारणा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ सकता है।

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