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बुधवार, जनवरी 21, 2026

फिल्म इंडस्ट्री का काला सच: निधि अग्रवाल का बड़ा खुलासा—”कलाकारों की छवि खराब करने के लिए करोड़ों का ‘पेड नेगेटिव पीआर’ निवेश कर रहे हैं लोग”

चकाचौंध और ग्लैमर से भरी फिल्म इंडस्ट्री के पीछे एक ऐसा कड़वा सच छिपा है जिसे अब तक बंद कमरों में ही चर्चा का विषय बनाया जाता था। लेकिन अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने हाल ही में अपनी बेबाक राय रखते हुए इस चुप्पी को तोड़ दिया है। उन्होंने खुलासा किया है कि कैसे फिल्म जगत में किसी कलाकार को सफल होने से रोकने के लिए बाकायदा ‘नेगेटिव पीआर’ का सहारा लिया जाता है और इसके लिए पानी की तरह पैसा बहाया जाता है।

रणवीर अल्लाहबादिया के साथ एक विशेष बातचीत में निधि अग्रवाल ने उन रणनीतियों पर प्रकाश डाला जो पर्दे के पीछे किसी स्टार की साख गिराने के लिए अपनाई जाती हैं। निधि ने कहा, “यह देखना वाकई हैरान करने वाला है कि लोग खुद को बेहतर बनाने के बजाय दूसरों को नीचा दिखाने के लिए भारी भुगतान कर रहे हैं। आज के दौर में किसी की सफलता से जलने वाले लोग संगठित तरीके से उस पर हमला करवाते हैं।”

निधि ने विस्तार से बताया कि कैसे यह ‘डिजिटल सिंडिकेट’ किसी भी कलाकार के करियर के साथ खिलवाड़ करता है। उन्होंने बताया कि कैसे किसी एक्टर की नई फिल्म या पोस्ट आते ही हजारों की संख्या में नकारात्मक कमेंट्स आने शुरू हो जाते हैं। ये कमेंट्स असल दर्शकों के नहीं, बल्कि पैसे देकर खरीदे गए ‘बोट्स’ के होते हैं।

फिल्मों की रेटिंग को प्रभावित करने के लिए IMDb और अन्य मूवी पोर्टल्स पर जानबूझकर ‘लो रेटिंग’ अभियान चलाए जाते हैं। किसी एक्टर के स्वभाव या उनके काम के बारे में गलत खबरें फैलाना ताकि ब्रांड्स और फिल्म मेकर्स उनसे दूरी बना लें।

अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए निधि ने हाल के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि कैसे वरुण धवन और कार्तिक आर्यन जैसे स्थापित सितारों को भी इस तरह के ‘नकारात्मक अभियानों’ का शिकार बनाया गया है। निधि के अनुसार, “एक्टर्स बहुत भावुक होते हैं। जब आप बिना किसी ठोस कारण के उनके काम और उनके व्यक्तित्व को निशाना बनाते हैं, तो यह उन्हें मानसिक रूप से गहरे संकट में डाल देता है।”

​निधि के बयानों से यह भी संकेत मिलता है कि फिल्म जगत के भीतर मौजूद ‘इनसिक्योरिटी’ इस तरह के कामों को बढ़ावा देती है। जब कोई नया कलाकार या कोई बाहरी तेजी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ने लगता है, तो स्थापित ‘कैंप्स’ उसे रोकने के लिए पीआर एजेंसियों को सक्रिय कर देते हैं। यह एक तरह का अदृश्य युद्ध है जहाँ हथियारों की जगह ‘कीबोर्ड’ और ‘फर्जी आईडी’ का इस्तेमाल किया जाता है। निधि का मानना है कि जब तक कलाकार एक-दूसरे की सफलता का सम्मान करना नहीं सीखेंगे, तब तक यह जहरीली संस्कृति खत्म नहीं होगी।

निधि, जो वर्तमान में सुपरस्टार प्रभास के साथ फिल्म ‘द राजा साब’ के कारण सुर्खियों में हैं, ने संकेत दिया कि बड़े सितारों और बड़ी फिल्मों के खिलाफ अक्सर एक सुनियोजित ‘नेगेटिव कैंपेन’ चलाया जाता है ताकि उनकी सफलता को कम करके आंका जा सके। उन्होंने दर्शकों से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे एजेंडे को पहचानें और केवल तथ्यों पर ही विश्वास करें।

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