मन अतिसुंदर के बुधवार के एपिसोड में शकुंतला राध्या से पूछती है कि जब उसे पता था कि वह कमल की मशीन खराब है तो उसने क्यों रजनी को उसमें चढ़ने दिया? उसने पूछा क्या वह ऐसा करने घर की मालकिन बनना चाहती थी? राध्या बे कहा यह आप क्या कह रहीं हैं?
शकुंतला ने कहा हम सब सही कह रहे हैं और उसने इलेक्टिक बोर्ड से पंखे का वायर निकाला और राध्या को कहा वह अपनी गलती स्वीकार कर ले वरना वह उसका वही हाल करेगी जो उसने रजनी का किया।
शकुंतला गुस्से में राध्या को जलाने वाली थी कि प्रथम ने उसे रोक दिया और कहा कि यह क्या तरीका है? शकुंतला और प्रथम दोनों रजनी के लिए रोने लगे। उसी बीच नर्स ने आकर सभी से कहा कि रजनी अभी ठीक है तो उससे जो मिलना चाहता है वह मिल ले।
सभी लोग अंदर कमरे में गए और ओमकार ने रजनी से कहा कि वह उठ जाए। वहीं, उसने राध्या को अंदर आने से मना कर दिया और कहा कि उसका साया भी रजनी पर न पड़े। उर्मिला ने राध्या को कमरे से बाहर निकाल दिया।
वहीं, अगले दिन एकता घर पर खाना बना रही थी कि उसको उसकी माँ का कॉल आया जिसने कहा बुलबल बहुत अच्छी है और हमारे साथ अच्छे से रह रही है। उसकी माँ ने कहा कि उसके पिता की तबियत खराब है तो क्या वह आते समय दवा ले आएगी।
एकता ने कहा मम्मी की तबियत यहां खराब है और बड़ी बहू होने के नाते उसके ऊपर कई जिम्मेदारियां हैं तो वह कोशिश करेगी। अहम ने कहा आप दवा बता दीजिए हम आते समय लेते आएंगे।
एकता ने अहम से कहा उसे लगा वह नाराज हो जाएगा। अहम ने कहा तुम लड़कियां भी कितनी समर्पित हो जाती हो पति और उसके परिवार के लिए कि हम भूल जाते हैं कि तुम्हारा भी परिवार है और तुम उनसे भी वैसे ही प्यार करती हो।
वहीं, रजनी को घर लाया गया और डॉक्टर ने कहा कि घर पर रहने से मरीज की रिकवरी बहुत अच्छी हो जाती है। राध्या गयी रजनी के कमरे में और वह उसकी पसंदीदा साड़ी और फोटोज लेकर आई उसके पास।
राध्या वह सब रजनी के पास लेकर आई और रजनी को दिखाने लगी पर उसका रजनी पर कोई असर नहीं पड़ा। शकुंतला उसको गुस्सा करने लगी और उससे कहा दिया कि वह अब इस घर से चली जाय।
शकुंतला ने ओमकार से पूछा क्या वह इसे अपनी बहू के रूप में रिश्ता रखना चाहता है? उसने मुंह फेर लिया। वहीं, उसने एकता और अहम से यही सवाल किया तो दोनों चुप रह गए। इसके बाद उसने प्रथम से सवाल किया तो उसने कह दिया कि उसका रिश्ता सिर्फ उसकी माँ से है और किसी से उसका कोई लेना देना नहीं है।
राध्या ने भोलेनाथ से प्रार्थना की कि वह उसे कल घर से जाने से रोक ले। उसी समय महादेव का त्रिशूल गिरने वाला था जिसको उसने पकड़ लिया और उनकी भष्म राध्या पर उड़कर गयी। राध्या ने कहा अब कल जो होगा वह आपकी और पार्वती माँ की ही मर्ज़ी से होगा।
राध्या उसकी और रजनी की फ़ोटो को अपने फोन में देखकर रो रही थी कि प्रथम वहां आया और उसने मन-ही-मन कहा कि पहले तो उसने माँ के साथ लापरवाही की और अब अकेले में उन्हें देखकर रो रही है।
प्रथम सोने जा रहा था कि उसने रोका उसे और कहा कि उसकी कोई गलती नहीं है। प्रथम ने जब उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया तो उसने कहा वह आज बाहर जाकर सो जाएगी। राध्या बाहर जा रही थी कि वह रुककर उसे देखने लगी लेकिन प्रथम ने उससे बाहर जाने को कहा। राध्या बाहर आ गयी सोने के लिए और रजनी के लिए चिंता करने लगी।
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