मन अतिसुंदर के बुधवार के एपिसोड में राध्या शकुंतला से बचती है और वह फेंककर स्त्री मारती है और उसी समय लाइट्स चली जाती है। लाइट्स आते ही सब देखकर हैरान रह जाते हैं कि निहारिका को सर पर चोट लग गयी है और यह बेहोश होकर गिर है और उसके सर से खून आ रहा है।
उसी समय एक महिला पोलिस को लेकर आ जाती है और वह कहती है कि कुछ समय से यहां से आवाज़ आ रही थी। जब वह करीब आते हैं तब देखते हैं कि निहारिका गिरी हुई है। पोलिस पूछती है यह किसने किया तो शकुंतला डर कर कहती है कि वह मार रही थी राध्या को लेकर बीच में निहारिका आ गई।
प्रथम कहता है कि चाहे राध्या हो या निहारिका आप किसी को इतनी भारी चीज से कैसे मार सकती हो? पोलिस चेक करती है निहारिका को तो उसके शरीर में जान नहीं रहती। इसके बाद वह कहती है कि इसका मर्डर किया गया है। ओमकार किसी हाई पार्टी को कॉल करता है कि पोलिस कहती है कि अब इनको उम्र कैद की सजा होगी।
पोलिस लेडी ऑफिसर को अरेस्ट करने को कहती है क्योंकि शकुंतला ने अपनी बहू को मारा और अब इनको सजा होगी घरेलू हिंसा करने के जुर्म में। उसी समय शकुंतला कहती है कि निहारिका प्रथम की पत्नी नहीं बल्कि राध्या प्रथम की पत्नी है।
यह सुनकर सब आश्चर्य में पड़ जाते हैं कि शकुंतला की यादआसत वापस आ गयी है। तभी शकुंतला कहती है कि वह चाहती थी कि निहारिका की शादी प्रथम से हो जाये लेकिन अब उसकी कोई गुंजाइश नहीं रह गयी। उसी समय निहारिका को होश आता है। प्रथम उससे कहता है कि उसके सिर पर चोट लगी है। निहारिका कहती है कि उसे कोई दर्द नहीं हो रहा।
तब राध्या पर्दाफाश करती है कि उसने यह नाटक रचा। उसने बताया कि उसने भोलेनाथ के सामने कहा कि पण्डित जी ने उसे एक इत्र दिया है जिसे लगाने से मनोकामना पूर्ण होती है। उसने वहां रखा और चली गयी। तब निहारिका ने भोलेनाथ से कहा कि उसकी एक इच्छा यही है कि उसकी शादी प्रथम से हो जाये।
निहारिका ने जैसे ही वह इत्र लगाया वह बेहोश होकर गिर गयी। राध्या ने उसकी बॉडी को हटा दिया। इसके बाद राध्या ने जान करके शकुंतला की साड़ी जलाई और कुछ लोगों को बाहर से अंदर आने को और लाइट्स बंद करने को कहा।
उसने बताया कि जैसे ही शकुंतला ने स्त्री फेंकी उसने निहारिका को वहां लेटा दिया और लाल रंग वहां डाल दिया। शकुंतला ने कहा इस चक्कर में उनकी बदनामी हो गयी। राध्या ने कहा यह कोई असली पोलिस नहीं बल्कि यह लोग गौरी दीदी के प्ले में काम करते हैं।
यह सुनकर प्रथम ने राध्या का धन्यवाद दिया। वहीं, रजनी ने निहारिका से कहा कि अब उसको प्रथम की पत्नी नाटक करके की ज़रूरत नहीं है। वहीं, राध्या ने निहारिका से कहा कि आखिर सच्चाई बाहर आ गयी।
दूसरी ओर निहारीका और शकुंतला गुस्से में एक दूसरे को चिल्लाने लगे। शकुंतला ने कहा कि तुम्हे हमने इतने मौके दिए यहां तक कि प्रथम के कमरे में भेज दिया लेकिन तुम उसके मन में अपने लिए हमदर्दी भी नहीं पैदा कर पाई। और राध्या ने मौके पर चौका मार दिया।
उधर राध्या ने भोलेनाथ का धन्यवाद अदा किया उसे वापस से इस घर की बहू बनाने के लिए। रजनी ने आकर उसकी तारीफ की और उसको तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया कि भोलेनाथ की कृपा से वह और प्रथम हमेशा साथ रहें।
टीवी सीरियल और बॉलीवुड की लेटेस्ट गॉसिप और अपकमिंग एपिसोड के लिए बने रहिए tellybooster के साथ।

